बुद्धि के सिद्धांत

बुद्धि के सिद्धांत  बुद्धि शब्द से अभिप्राय किसी व्यक्ति को अपने परिवेश को समझने की क्षमता से, विवेकपूर्ण चिंतन करने से और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी तरीका अपनाने से है. बुद्धि की अवधारणा को मानसिक संक्रियाओं के रूप में औपचारिक बनाने का प्रयास करने वालो में अल्फ्रेड बीने प्रथम मनोवैज्ञानिक थे. बुद्धि के सिद्धांत का प्रतिपादन उसके तत्वों के आधार पर किया गया है. इस प्रकार तत्वों के आधार पर  विभिन्न सिद्धांतो का प्रतिपादन किया गया है. बुद्धि के सिद्धांतों के बारे में  जितनी समझ मुझे हुई उतना  आज के इस पोस्ट में आप से शेयर कर रही हूँ. HindiCloud.Com पर जो भी जानकारी शेयर की जा रही है, उसके पीछे सिर्फ और सिर्फ एक ही मकसद है, हमारे रीडर्स को सही और पूरी जानकारी मिल सके.

बुद्धि के निम्नलिखित सिद्धांत 

  • एकतत्व सिद्धांत(Unifactor Theory)
  • द्वितत्व सिद्धांत(Dual-factor Theory)
  • बहुतत्व सिद्धांत(Multi-factor Theory)
  • समूह खंड सिद्धांत(Group Section Theory)
  • कैटले का सिद्धांत(Cattell’s Theory)

एकतत्व सिद्धांत(Unifactor Theory)

एकतत्व सिद्धांत के प्रतिपादक बीने, टर्मन तथा स्टर्न है. बुद्धि में केवल एक ही तत्व को स्वीकार किया जा सकता है जिसका स्वरुप अविभाज्यता एवं अखंडता है.
इस सिद्धांत में बुद्धि को एक इकाई के रूप में माना गया है. इसके अनुसार बुद्धि को बाँटा नहीं जा सकता, बुद्धि सर्वशक्तिमान है जो की सभी मानसिक शक्तियों को अपने अधीन रखती है.

द्वितत्व सिद्धांत(Dual-factor Theory)

इस सिद्धांत को स्पीयरमैन ने प्रतिपादित किया है. इनके अनुसार बुद्धि को दो वर्गों में विभाजित किया गया है
एक सामान्य बुद्धि(general or G Factor ) तथा दूसरा विशिष्ट बुद्धि(Specific or S Factor )
बुद्धि सामान्य कार्यो को सामान्य तत्व द्वारा तथा विशिष्ट कार्य को विशिष्ट तत्व द्वारा करती है. जैसे- संगीत एवं विज्ञान को सिखने में S Factor की अधिक मात्रा होती है. जबकि भूगोल एवं अंग्रेजी में G Factor की मात्रा अधिक होती है.
एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक होने के लिए उसका अनुपात G:S =1:4 होना चाहिए. स्पीयरमैन G को मानसिक शक्ति मानता है. बुद्धि के सामान्य तत्व के गुण जन्मजात होते है, सदा एक सामान होते है.

बहुतत्व सिद्धांत(Multi-factor Theory)

इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि में एक या दो तत्व नहीं होते बल्कि बुद्धि विभिन्न बौद्धिक योग्यताओँ का समन्वित रूप है. इस सिद्धांत को मनोवैज्ञानिक थस्टर्न ने प्रतिपादित किया है.
बुद्धि की कोई योग्यता स्वतंत्र ना होकर परस्पर समन्वित होती है.

बुद्धि की विभिन्न योग्यता निम्नलिखित है

प्रत्यक्षीकरण की योग्यता
संख्यासूचक योग्यता
मौखिक योग्यता
स्मृति योग्यता
स्थान सम्बन्धी योग्यता
निगमनात्मक योग्यता
शब्द प्रवाह
आगमनात्मक योग्यता
निगमनात्मक एवं आगमनात्मक योग्यता को तार्किक योग्यता कही जाती है.

समूह खंड सिद्धांत(Group Section Theory)

समूह खंड सिद्धांत के अंतर्गत द्वितत्व का सामान्य तत्व और विशिष्ट तत्व का सिद्धांत लागू होता है.
सामान्य तत्व– यह तत्व पूर्ण रूप से व्यक्ति के सभी संज्ञानात्मक कार्यो को सामान रूप से प्रभावित करता है. बुद्धि का 95% हिस्सा सामान्य तत्व से सम्बंधित है. सामान्य तत्व ही बुद्धि का प्रधान रूप है. सामान्य तत्व शिक्षण, प्राक्षिण आदि पर आधारित नहीं होता.
स्पीयरमैन के अनुसार व्यक्ति में कोई मानसिक शक्ति अवश्य है, जो व्यक्ति को सभी परस्थितियों में सामान रूप से मदद करती है.

विशिष्ट तत्व-स्पीयरमैन के अनुसार विशिष्ट तत्व एक बहुत छोटा रूप है.
पूर्ण बुद्धि को यदि इकाई मान लिया जाए तो विशिष्ट तत्व का भाग 5% होगा. दूसरी बात, एक ही व्यक्ति में विशिष्ट तत्व की मात्रा भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में भिन्न-भिन्न हो सकती है. तीसरी बात यह की यह तत्व शिक्षण, प्रशिक्षण से प्रभावित होता रहता है. चौथी बात यह है की विशिष्ट योग्यता का प्रभाव व्यक्ति के भिन्न-भिन्न संज्ञानात्मक कार्यों पर सामन रूप से नहीं पड़ता है.
द्वितत्व सिद्धांत के अनुसार, सामान्य बुद्धि एक होती है जबकि विशिष्ट बुद्धि अनेक हो सकती है.
अतः यह कहा जा सकता है की सामान्य तत्व को कई खंडो में विभाजित नहीं किया जा सकता है जबकि विशिष्ट तत्व को कई खंड में विभाजित कर सकते है.

कैटले का सिद्धांत(Cattle’s Theory)

बुद्धि को एक सिखने की योग्यता मानते हुए कहा जाता है की जो व्यक्ति जटिल विषय को जल्दी सिख लेता है उसकी बुद्धि अधिक होती है। इसके विपरीत जो व्यक्ति देर से सीखता है उसे मंद बुद्धि कहा जाता है.

कैटेल के बुद्धि सिद्धांत के विषय में निष्कर्ष निम्नलिखित है.

  • अपने पूर्वानुभवों तथा सिखने से लाभान्वित होने की योग्यता ही बुद्धि है
  • नई-नई परिस्थितियों में बुद्धि अभियोजन की क्षमताओं को संचरित करती है.
  • भिन्न-भिन्न व्यक्तियों में बौद्धिक अंतर पाया जाता है, इसका कारन व्यक्ति की जन्मजात गुण है.
  • जननिक करक का प्रभाव बुद्धि पर जन्म से पहले और जन्म के बाद दोनों अवस्थाओं में मातृक वातावरण के प्रभाव से कम होता है.
  • प्रजाति से भी बच्चे की संज्ञानात्मक योग्यताएँ प्रभावित होती है.
  • कैटेल ने अपने बुद्धि विषयक सिद्धांत में यह विचार व्यक्त किया है की व्यक्ति की प्रतिक्रया की गति ऐन्द्रिक तीक्षणता,स्मरण और अन्य सरल मानसिक क्रियाओं में एक-दूसरे से सह-सम्बन्ध प्रदर्शित करते है.

मनोवैज्ञानिक मतानुसार संक्षेप में यह कहा जा सकता है की बुद्धि मापन या परिक्षण से तात्पर्य व्यक्ति के मानसिक स्तर की क्षमता की जानकारी प्राप्त करना है. अतः शिक्षा जगत में इन सिद्धांतो की अत्यधिक उपयोग है.

उम्मीद है, यह पोस्ट आपको बुद्धि के सिद्धांत को समझने  में आपकी मदद करेगी। ऐसी ही  जानकारी के लिए HindiCloud.Com लगातार पढ़ते रहिये। इस जानकारी से सम्बंधित कोई सुझाव, शिकायत  पूछना चाहते हो तो निचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हो.

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About the Author: Juhi Mishra

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