बुद्धि के अर्थ, परिभाषा, एवं प्रकार

बुद्धि क्या है, यह कैसे काम करता है? शायद आप सोच रहें हो हिंदी क्लाउड का यह पहला आर्टिकल है और इसमें बुद्धि क्या है इसके बारें में क्यों बताया जा रहा है. सही और गलत में अंतर को समझ पाना बहुत जरूरी है. इस पोस्ट की मदद से मैं सभी पाठकों को सही और गलत की समझ के बारें में बताना चाहती हूँ.

बुद्धि के अर्थ, परिभाषा, एवं प्रकार

दैनिक बोलचाल की भाषा में बुद्धि शब्द का अर्थ विचार से लगाया जाता है. मानव शिशु शरीरधारियों में सर्वश्रेष्ठ है. अन्य जीवधारियों की अपेक्षा मानव शिशु की बुद्धि अत्यधिक तीक्ष्ण होती है. बुद्धि सामान्य रूप से बोले  जाने वाला एक शब्द है. बुद्धि के कारण ही मानव अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ माना जाता है. कहा जाता है जिसमे बुद्धि है वही बलवान है. बुद्धि के स्वरुप को समझना बड़ा ही कठिन है. मनोवैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए आज भी बुद्धि को लेकर मतभेद है. मनोविज्ञान के क्षेत्र में इस शब्द का प्रयोग व्यापक रूप से किया जाता है. अतः यह कहा जा सकता है की मानव के समग्र व्यवहार में बुद्धि का महत्व दृष्टिगोचर होता है. बुद्धि के स्वरुप को समझने के लिए पहले उनका अवलोकन करना आवश्यक है. तो चलिए शुरू करते है.

intelligence meaning and types

बुद्धि की परिभाषा(Definition of intelligence)

वैल्स के अनुसार- “बुद्धि नई परिस्थितियों में बेहतर काम करने के लिए अपने व्यव्हार प्रतिमान को पुनर्गठित करने का गुण है “.
अल्फ्रेड बीने के अनुसार- “अच्छी तरह निर्णय लेना, भली प्रकार समझना, ठीक प्रकार से तर्क करना, ये बुद्धि की अनिवार्य क्रियाएँ है”.
बकिंघम के अनुसार- “बुद्धि जीवन की नवीन परिस्थितियों और समस्याओँ के साथ अनुकूल करने की सामान्य योग्यता है”.
हसबैण्ड के अनुसार- “बुद्धिमान व्यक्ति अपने अनुभवों को प्रभावपूर्वक ग्रहण करता है, अधिक लम्बे समय तक अपने ध्यान को लगाए रखने में समर्थ होता है एवं एक अपरिचित परिस्थिति में तेजी से कम संकोच एवं कम गलतियों के साथ अनुकूलन करता है. अनुक्रिया की परिवर्तनशीलता और विविधता दिखलाता है, दूर के संबंधों को देखने में सक्षम होता है, अमूर्त चिंतन कर सकता है, दमन और नियंत्रण करने में अधिक सामर्थ्य रखता है, आत्मलोचना के योग्य होता है”.
वुडवर्थ के अनुसार- “बुद्धि क्षमता ग्रहण करने की क्षमता है”.
पियाजे के अनुसार- “बुद्धि भौतिक और सामाजिक वातावरण का अनुकूलन है”.

स्पीयरमैन ने बुद्धि को औचित्यर्थं चिंतन कहा है.

इन परिभाषाओँ के आधार पर ये कह सकते है की बुद्धि एक मानसिक योग्यता है, जिसमे अनेक योग्यताओ का समावेश है. इन योग्यताओ को 4 वर्गों में विभाजित कर सकते है.

  • बुद्धि समायोजन की योग्यता है (Intelligence is an ability to adopt)
  • बुद्धि सिखने की योग्यता है (intelligence is an ability to learn)
  • बुद्धि चिंतन की योग्यता है (intelligence is an ability to think)
  • बुद्धि एक समग्र योग्यता है (intelligence is a global ability)

मानव प्रकार्यों में व्यक्तिगत भिन्नताएँ

Individual differences in human  functioning जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मानव के सिखने, प्रत्यक्षण करने, चिंतन करने एवं विभिन्न क्रियाओं के प्रतिक्रया का स्वरुप भिन्न-भिन्न होता है. भिन्नताओं के कारण ही प्रकृति में आकर्षण एवं सौंदर्य बोध की स्तिथि बनती है. जैसे- आप शारीरिक रूप से एक जैसी बनावट, एक जैसे रंग या सामान ढंग के वस्तु या जगत की कल्पना करे तो आपको ज्ञात होगा की सबकुछ नीरस है, उसमे आकर्षण है ही नहीं इसीलिए सौंदर्य बोध की स्तिथि निश्चित ही भिन्नता के कारण होती है. इसी प्रकार मानव स्वभाव एवं चिंतन की भिन्नता भी व्यक्तिगत रूप में पाई जाती है.

व्यक्तिगत भिन्नता या विचलनशीलता कोई अनहोनी नहीं बल्कि एक प्राकृतिक तथ्य है। प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे से शारीरिक विशेषताओं , जैसे- रंग, वजन, ऊँचाई, मोटाई, शक्ति, स्वभाव आदि में भिन्न-भिन्न होता है. यहाँ तक की उनकी मनोवैज्ञानिक विशेषताएँ बुद्धि, अभिक्षमता, अभिरुचि आदि भी अलग-अलग प्रकार की होती है.
स्वभाव में कोई बहुत विनम्र तो कोई क्रोधी होता है.कोई सृजनशील तो कोई साधारण कुशल का हो सकता है. इसी प्रकार भिन्नता की सूचि बहुत बड़ी होती है. व्यक्ति का व्यवहार उसकी वर्तमान स्तिथि से प्रभावित होता है, और कभी-कभी स्थितियों का प्रभाव इतना शक्तिशाली होता है की व्यक्तित्व के भिन्न-भिन्न विशेषको को रखने वाले लोगो का व्यवहार संभवतः सामान होता है.

बुद्धि में व्यक्तिगत भिन्नताएँ

Individual differences in intelligence कई व्यक्ति दुसरो की अपेक्षा अधिक बुद्धिमान क्यों होता है?
ऐसा पर्यावरणीय कारकों से तथा उनकी अनुवांशिकता के कारण होता है. जैसा की हम सभी जानते है की बुद्धि पर अनुवांशिकता के प्रभावों के प्रमाण प्रमुख रूप से जुड़वाँ तथा दत्तक बच्चों के अध्ययन में पाए जाते है. साथ में पाले गए समरूप जुड़वाँ बच्चों की बुद्धि में 0.90 सहसम्बन्ध पाया जाता है. भिन्न-भिन्न परिवेश में पाले गए समरूप जुड़वाँ बच्चों की बुद्धि में 0.72 सहसम्बन्ध पाया जाता है. साथ में पाले गए भाई-बहनों की बुद्धि में 0.50 तथा भिन्न-भिन्न पाले गए सहोदरों की बुद्धि में 0.25 का सहसम्बन्ध पाया जाता है. दत्तक बच्चों की बुद्धि गोद लेने वाले माता-पिता की तुलना में जन्म देने वाले माता-पिता के अत्यधिक सामन होती है.

पर्यावरणीय प्रभाव

बुद्धि पर पर्यावरण का भी अत्यधिक प्रभाव परता है. जैसे बच्चों की उम्र बढ़ती है उनका बौद्धिक स्तर गोद लेने वाले माता-पिता की बुद्धि के स्तर के पास पहुँचता जाता है. ऐसे बच्चों को जिनके घरों में अधिक सुविधाएँ नहीं है यदि उनको उच्च सामाजिक- आर्थिक स्तिथि में परिवारों द्वारा गोद ले लिया जाता है तो, उनकी बुद्धि प्राप्तांको में अधिक वृद्धि होती है.

पर्यावरणीय वंचन बुद्धि के विकास को कम कर देता है जबकि दूसरी और समृद्ध पोषण, अच्छी पारिवारिक पृष्ठभूमि, तथा उच्च शिक्षा बुद्धि को बढ़ा देती है.आनुवंशिकता के माध्यम से किसी  व्यक्ति की बुद्धि की परिसीमाएँ तय हो जाती है तथा बुद्धि का विकास उस परिसीमा के अनुसार पर्यावरण में उपलब्ध अवसरों द्वारा निर्धारित किया जाता है.

बुद्धि के प्रकार (kinds of intelligence)

मनोवैज्ञानिक थार्नडाइक ने बुद्धि को तीन वर्गों में विभाजित किया है.

प्रत्यक्ष बुद्धि(Motor or Mechanical intelligence)

इसमें व्यक्ति को वस्तु एवं पदार्थो को भली प्रकार समझने की शक्ति होती है। यह बुद्धि बालक में शैशवावस्था से ही दिखने लगता है. अक्सर यह देखा गया है की बालक खिलौने तथा अन्य वस्तुओँ को तोड़कर जोड़ने या कुछ नया बनाने का प्रयास करने लगता है. अतः यह कहा जा सकता है, की ऐसे बालक अच्छे कारीगर बनते है.

अप्रत्यक्ष बुद्धि (Non mechanical intelligence)

इस बुद्धि का सम्बन्ध ज्ञान प्राप्त करने से होता है. इस बुद्धि का प्रयोग पुस्तकीय ज्ञान, प्रतीकों तथा चिन्हों को समझने में किया जाता है. साहित्यकार अथवा कवी इसी प्रकार के बुद्धि का इस्तेमाल करते है. ये बुद्धि कक्षा में ज्ञान प्राप्त करने में सहायक होती है.

सामाजिक बुद्धि (social intelligence)

सामाजिक बुद्धि का तात्पर्य व्यक्ति को समाज के अनुकूल बनाने की क्षमता से है. इसके द्वारा व्यक्ति समझकर उसके अनुसार व्यवहार करने लगता है. सामजिक बुद्धि रखने वाला व्यक्ति सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यों को भली प्रकार करने में रूचि रखता है. परिस्थितियों के अनुकूल समाज में सामंजस्य स्थापित करना इस बुद्धि की देन है. सामाजिक बुद्धि वाला व्यक्ति दुसरो को जल्दी प्रभावित करने की क्षमता रखता है. राजनीतिज्ञों अथवा समाज-सुधारकों में सामान्यतया इस बुद्धि की प्रधानता पाई जाती है.

“बुद्धि के अनुसार ही व्यक्ति इस जगत में अपने को आगे बढ़ाने में सफल हो पाता है.”

बुद्धि तथा ज्ञान में अंतर

Differences between intelligence and knowledge बुद्धि और ज्ञान एक-दूसरे से घनिष्ठ सम्बन्ध रखते हुए भी भिन्न है. अतः बुद्धि को ज्ञान नहीं कहा जा सकता एवं ज्ञान को बुद्धि नहीं कहा जा सकता, “ज्ञान अनेक तथ्यों का एक समुचित संग्रह होता है जो अर्जित किया जाता है. इस प्रकार ज्ञान साध्य होता है साधन नहीं”. ज्ञान और बुद्धि में निम्नलिखित अंतर है.

  • बुद्धि व्यक्ति की जन्मजात क्षमता है, जो स्वभावतः वंश परंपरा के गुणों से भी प्रभावित होती है.
  • बुद्धि स्मरण शक्ति पर निर्भर होती है. यह अनिवार्य नहीं की बुद्धिमान मनुष्य विद्वान (Wise) भी हो या कोई विद्वान बुद्धिमान भी हो.
  • बुद्धि से नई परिस्थितियों का समायोजन कर नया खोज (invention ) किया जा सकता है.
  • बुद्धि कठिनाइयों को समझकर मस्तिष्क को निर्णय लेने के लिए प्रेरणा देती है.
  • बुद्धि में आत्मावलोकन की क्षमता पायी जाती है.
  • बौद्धिक क्षमता एक सिमा तक स्थिर होती है, इसके विपरीत ज्ञान की कोई सिमा निश्चित नहीं होती। इसका विकास जीवन भर होता है.
  • ज्ञान बुद्धि पर आश्रित होता है. बुद्धि ज्ञान पर निर्भर नहीं करती; जैसे- किसी व्यक्ति की बुद्धि यदि विकृत  हो जाए तो उसका ज्ञान भी नष्ट हो जाता है, ज्ञान के विकृत होने की दशा में बुद्धि पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.

Wisdom Meaning in Hindi

बुद्धि शब्द से अभिप्राय किसी व्यक्ति को अपने संस्कार, अपने परिवेश को समझने की क्षमता से, जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी तरीका अपनाने से है. मनुष्य के मूल्यांकन की कसौटी उसकी सफलताओ या योग्यताओं से नहीं, बल्कि उसके सद्विचारों तथा सद्बुद्धि से होती है. भारतीय परंपरा में बुद्धि का महत्त्व  एवं सम्पूर्ण पर्यावरण से व्यक्ति के संबंधों से कही अधिक है. एक बुद्धिमान व्यक्ति ना केवल अपने पर्यावरण के अनुकूल रहता है, बल्कि उसमें सक्रियता से परिवर्तन करके समाज को विकसित करता है. जो सामाजिक नियमों का पालन करना जनता है वही बुद्धिमान कहलाता है.

उम्मीद है, यह जानकारी आपके जीवन में नया परिवर्तन लाएगी। ऐसी ही  जानकारी के लिए HindiCloud.Com लगातार पढ़ते रहिये। इस जानकारी से सम्बंधित कोई सुझाव, शिकायत  पूछना चाहते हो तो निचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हो.

People May Also Search buddhi kya hai, buddhi ke prakar in hindi, difference between gyan and buddhi, types of intelligence in hindi, intelligence meaning in hindi, wisdom meaning in hindi,

About the Author: Juhi Mishra

You May Also Like

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *